शनिवार, 7 अगस्त 2010

" शिव" को मिले "फ्री हैण्ड" के बाद सारे सूरमा धराशायी


मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की भाजपा में वापसी को लेकर उठे तूफान और मध्य प्रदेश के दागी मंत्रियो के मसले पर गरमाई आग को शिवराज सिंह चौहान ने एक झटके में शांत कर दिया है॥ वे सारे मंत्री और नेता शिवराज के बयानों के बाद अपनी मांदो में दुबक गए है...

इस घटनाक्रम के बाद एक बार फिर ये साफ़ हो गया है शिवराज की दिल्ली के दरबार में पकड़ कितनी मजबूत है....?उमा भारती की भाजपा में वापसी के बदल शिवराज के बयानों के बाद छटगए है .... उमा की पार्टी में वापसी पर प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री की राय को महत्त्व दिएजाने के आलाकमान के बयान के बाद ये बात भी साफ़ हो गयी है कि बिना शिव की हरी झंडी मिले बिना उमा का अभी पार्टी में लौटना मुश्किल है...

इधर मंत्रिमंडल से निष्कासित किये गए स्वास्थ्य मंत्री अनूप मिश्राजो शिवराज सरकारको अस्थिर करने में जुटे थे उन्हें भी इस कार्य में असफलता हाथ लगी है....कुछ दिन पहले अनूप मिश्रा की स्वास्थ्य मंत्री के पद से छुट्टी के बाद मध्य प्रदेश भाजपा मेंकोहराम मचा हुआ है...

पार्टी के कई आला नेताओ से इस प्रकरण के बाद मेरी खुद बात भी हुई ... सबका कहना था कि अनूप मंत्रिमंडल से हटने के बाद शिवराज के खिलाफ अपना मोर्चा खोल सकते है.... जिनमे प्रदेश के मंत्रिमंडल के नम्बर २ माने जाने वाले एक कद्दावर नेता के साथ शिवराज की दागी "टीम" का लगभग पूरा कुनबा शामिल था लेकिन शिवराज ने शिवपुरी की एक सभा में भू माफियो को ललकार कर अपने सटीक तीर से उनके विरोधियो को चारो खाने चित्त कर दिया...

शिवराज ने शिवपुरी में प्रदेश के भीतर भू माफिया उनको गद्दी से हटाने की साजिश रच रहे है ये बयान देकर अप्रत्यक्ष रूप से उमा से निकटता पाए एक कद्दावर नेता को निशाने पर ला गया है.... मुख्यमंत्री द्वारा ये बयान दागी मंत्रियो से ध्यान हटाने की मुहीम का एक हिस्सा था जिसमे शिवराज ने एक बार फिर ये दिखा दिया भाजपा में मोदी के बाद क्यों अब उनका गुणगान किया जाने लगा है....

इन बयानों के बाद उमा भारती की पार्टी में वापसी की सम्भावनाये तो फिलहाल समाप्त ही हो गयी है... उनकी वापसी की अटकले लम्बे समय से भाजपा में चल रही है ... दरअसल जसवंत की पार्टी में वापसी के बाद उमा की भाजपा में वापसी को बल मिलने लगा था...

शिव, प्रभात और सुषमा की "तिकड़ी" उमा की वापसी के पक्ष में कतई नही थी... लेकिन उमा की पिछले कुछ समय से आडवानी के साथ बड़ी निकटता ने पार्टी के एक बड़े तबके को उनके पक्ष में लामबंद करना शुरू कर दिया जिनमे प्रदेश की राजनीती से जुड़े कैलाश विजयवर्गीय से लेकर सुमित्रा महाजन तो बाबूलाल गौर से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी तक शामिल थे...


इसके बाद एक बैठक में उमा के मसले पर पार्टी के नेताओ में काफी नोक झोक भी हुई जिसमे बाबूलाल गौर ने इस्तीफे की पेशकश कर डाली... रिपोर्टिंग के दौरान मेरी आँखे भी इसकी गवाह बनी थी जिसके बाद चौहत्तर बंगले के आवास में कई नेताओ की आवाजाही शुरू हो गयी...

डेमेज कंट्रोल के तहत शिवराज को आलाकमान ने तुरंत दिल्ली बुला लिया...और उमा के मसले पर उनकी राय जाननी चाही जहाँ पर शिवराज ने साफ़ लफ्जो में कह डाला अगर उमा की पार्टी में वापसी हो गयी तो वह मध्य प्रदेश का मोह कैसे छोड़ पाएंगी?

भूमाफिया शिवराज को हटाना चाहते है बयान दिए जाने के बाद शिवराज को हटाने की मुहीम में लगे नेताओ की दाल नही गल रही है....अब आलाकमान द्वारा शिवराज को "फ्री हैण्ड" दिए जाने के बाद भाजपा के मंत्रियो की प्रदेश में मुसीबत बद गयी है....क्युकि मुख्यमत्री ने सभी को अपने अधिकारचेत्रो में रहने की नसीहते दे डाली है....

इन बयानों के बाद सूबे में उमा की वापसी की पैरवी करने वालो के स्वर धीमे हो गए है....ऐसे में अब पार्टी में उमा भारती की वापसी की दूर दूर तक कोई सम्भावनाये नही दिखाई देती...............

5 टिप्‍पणियां:

anoop joshi ने कहा…

bahut acha review harish sir........

arvind ने कहा…

acchi prastuti.

Sonal ने कहा…

sach much aapki kalam bahut kuch bolti hai... acha laga ...

Meri Nayi Kavita par aapke Comments ka intzar rahega.....

A Silent Silence : Naani ki sunaai wo kahani..

Banned Area News : Won't go nude for screen: Anna Kendrick

darshan ने कहा…

rajneetik lekhan ke mamle me aapka koi sani nahi hai... behad sundar prastuti........

Ankur jain ने कहा…

nice dear.....great as always...mere blog pe nayi post padna...