Monday, August 23, 2010

एक लाख पचास हजार की राखी........


रक्षाबंधन का त्यौहार पूरे देश में आज धूम धाम से मनाया जा रहा है....इस मौके पर सभी बहनेअपने भाईयो की कलाई पर राखी बांधती है और उनकी लम्बी उम्र की दुआ करती है....आपने राखियो की कई वेराईटी देखीहोंगी लेकिन आज हम आपको ऐसी राखी दिखाने जा रहे है जिसकी कीमत एक लाख पचास हजार रुपये है....


रक्षाबंधन की आज पूरे देश में धूम मची है ....बहने अपने भाईयो के लिए राखी की खरीददारी करने में लगी हुई है ...बाजार में इस समय राखियो की तमाम वेराईटी मौजूद है जहाँ २ रुपये से लेकर हजार रुपये तक की राखिया है .... वैसे राखी का कोई मोल नही होता लेकिन जरा एक पल के लिए सोच ले किसी भाई की कलाई में कोई बहिन एक लाख पचास हजार रुपये की राखी बांधे तो उस भाई को कैसा लगेगा....?


राजधानी भोपाल के न्यू मार्केट इलाके में एक राखी पर मेरी नजरे कल अनायास ही जा पड़ी....राखी पर स्टोरी करने जब कल दफ्तर से निकला था तो कुछ नया करने की सोची.....स्टोरी भी अलग हटकर करनी थी....ऐसी खबर जो टीवी में बेचीं जा सके.... इसी राखी ने स्टोरी का नया आईडिया निकाल दिया...

स्टोरी भी ऐसी चली कि कई और चैनल वालो को भी इसने मसाला दे दिया.....इस महंगी राखी को तैयार कियाहै मोहम्मद हबीब नाम के शख्स ने जो पीछे बीस साल से राखी बनाने के काम में लगे हुए है...

हबीब ने बताया उनके द्वारा बनाई गयी इस महंगी राखी में काफी महंगा मटेरिअल इस्तेमाल किया गया है...

इस राखी में एक हजार रुपये के १०५ नोटों के साथ अमेरिकी डायमंड भी शामिल है...यही नही इस राखी में २१ ग्राम सोने के साथ तीन तुला सोना के साथ चांदी भी जड़ी है.... हबीब भाई से जब मैंने पुछा ये राखी बनाने का कांसेप्ट कहाँ से आया तो वे मुस्कुराकर बोले बेटी ने कहा पापा इस बार राखी पर क्या ख़ास कर रहे हो तो उसको मैंने बताया एक लाख पचास हजार की राखी बना रहा हूँ...



हबीब के दवारा बनाई गई इस राखी को देखने अभी तक कई बहने आ चुकी है लेकिन वे उसे खरीद पाने की जहमत नही उठा पायी है...शायद ये "महंगाई डायन " का कमाल है कि इस राखी को अभी तक कोई खरीददार नही मिला है...फिर भी हबीब भाई को उम्मीद है उनकी ये राखी जरूर बिकेगी.....

जो भी हो हम तो यही कहेंगे जो बहन इस राखी को खरीदकर अपने भाई को बाधेंगी वो बड़ी खुशकिस्मत होगी ... साथ वो भाई भी खुशकिस्मत होगा जिसकी कलाई में ये चमकेगी........ हबीब भाई की उम्मीदे ऊपर वाले पर टिकी है ....हम भी उपर वाले से दुआ करेंगे कि उनकी ये राखी बिक जाए लेकिन क्या करे सखी सईया तो खूब ही कमात है महंगाई डायन खाई जात है.........

Saturday, August 7, 2010

" शिव" को मिले "फ्री हैण्ड" के बाद सारे सूरमा धराशायी


मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की भाजपा में वापसी को लेकर उठे तूफान और मध्य प्रदेश के दागी मंत्रियो के मसले पर गरमाई आग को शिवराज सिंह चौहान ने एक झटके में शांत कर दिया है॥ वे सारे मंत्री और नेता शिवराज के बयानों के बाद अपनी मांदो में दुबक गए है...

इस घटनाक्रम के बाद एक बार फिर ये साफ़ हो गया है शिवराज की दिल्ली के दरबार में पकड़ कितनी मजबूत है....?उमा भारती की भाजपा में वापसी के बदल शिवराज के बयानों के बाद छटगए है .... उमा की पार्टी में वापसी पर प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री की राय को महत्त्व दिएजाने के आलाकमान के बयान के बाद ये बात भी साफ़ हो गयी है कि बिना शिव की हरी झंडी मिले बिना उमा का अभी पार्टी में लौटना मुश्किल है...

इधर मंत्रिमंडल से निष्कासित किये गए स्वास्थ्य मंत्री अनूप मिश्राजो शिवराज सरकारको अस्थिर करने में जुटे थे उन्हें भी इस कार्य में असफलता हाथ लगी है....कुछ दिन पहले अनूप मिश्रा की स्वास्थ्य मंत्री के पद से छुट्टी के बाद मध्य प्रदेश भाजपा मेंकोहराम मचा हुआ है...

पार्टी के कई आला नेताओ से इस प्रकरण के बाद मेरी खुद बात भी हुई ... सबका कहना था कि अनूप मंत्रिमंडल से हटने के बाद शिवराज के खिलाफ अपना मोर्चा खोल सकते है.... जिनमे प्रदेश के मंत्रिमंडल के नम्बर २ माने जाने वाले एक कद्दावर नेता के साथ शिवराज की दागी "टीम" का लगभग पूरा कुनबा शामिल था लेकिन शिवराज ने शिवपुरी की एक सभा में भू माफियो को ललकार कर अपने सटीक तीर से उनके विरोधियो को चारो खाने चित्त कर दिया...

शिवराज ने शिवपुरी में प्रदेश के भीतर भू माफिया उनको गद्दी से हटाने की साजिश रच रहे है ये बयान देकर अप्रत्यक्ष रूप से उमा से निकटता पाए एक कद्दावर नेता को निशाने पर ला गया है.... मुख्यमंत्री द्वारा ये बयान दागी मंत्रियो से ध्यान हटाने की मुहीम का एक हिस्सा था जिसमे शिवराज ने एक बार फिर ये दिखा दिया भाजपा में मोदी के बाद क्यों अब उनका गुणगान किया जाने लगा है....

इन बयानों के बाद उमा भारती की पार्टी में वापसी की सम्भावनाये तो फिलहाल समाप्त ही हो गयी है... उनकी वापसी की अटकले लम्बे समय से भाजपा में चल रही है ... दरअसल जसवंत की पार्टी में वापसी के बाद उमा की भाजपा में वापसी को बल मिलने लगा था...

शिव, प्रभात और सुषमा की "तिकड़ी" उमा की वापसी के पक्ष में कतई नही थी... लेकिन उमा की पिछले कुछ समय से आडवानी के साथ बड़ी निकटता ने पार्टी के एक बड़े तबके को उनके पक्ष में लामबंद करना शुरू कर दिया जिनमे प्रदेश की राजनीती से जुड़े कैलाश विजयवर्गीय से लेकर सुमित्रा महाजन तो बाबूलाल गौर से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी तक शामिल थे...


इसके बाद एक बैठक में उमा के मसले पर पार्टी के नेताओ में काफी नोक झोक भी हुई जिसमे बाबूलाल गौर ने इस्तीफे की पेशकश कर डाली... रिपोर्टिंग के दौरान मेरी आँखे भी इसकी गवाह बनी थी जिसके बाद चौहत्तर बंगले के आवास में कई नेताओ की आवाजाही शुरू हो गयी...

डेमेज कंट्रोल के तहत शिवराज को आलाकमान ने तुरंत दिल्ली बुला लिया...और उमा के मसले पर उनकी राय जाननी चाही जहाँ पर शिवराज ने साफ़ लफ्जो में कह डाला अगर उमा की पार्टी में वापसी हो गयी तो वह मध्य प्रदेश का मोह कैसे छोड़ पाएंगी?

भूमाफिया शिवराज को हटाना चाहते है बयान दिए जाने के बाद शिवराज को हटाने की मुहीम में लगे नेताओ की दाल नही गल रही है....अब आलाकमान द्वारा शिवराज को "फ्री हैण्ड" दिए जाने के बाद भाजपा के मंत्रियो की प्रदेश में मुसीबत बद गयी है....क्युकि मुख्यमत्री ने सभी को अपने अधिकारचेत्रो में रहने की नसीहते दे डाली है....

इन बयानों के बाद सूबे में उमा की वापसी की पैरवी करने वालो के स्वर धीमे हो गए है....ऐसे में अब पार्टी में उमा भारती की वापसी की दूर दूर तक कोई सम्भावनाये नही दिखाई देती...............