मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने दावोस दौरे के माध्यम से एमपी को वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक डेस्टिनेशन बनाने का प्रयास कर रहे हैं। निवेश, उद्योग और रोजगार सृजन को एमपी की डेवेलपमेंट नीति का मुख्य केंद्र बनाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बीते दो वर्ष में देश-विदेश में निरंतर निवेश के अवसरों को तराशने की कोशिश की है। अब वह दावोस में विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में अपनी भागीदारी दर्ज कर मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों को बढ़ाने की दिशा में मजबूती के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
नीति निर्धारकों के लिए महत्वपूर्ण दावोस का वैश्विक मंच
दावोस के मंच पर होने वाली चर्चाओं का सीधा प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था और व्यापारिक नीतियों पर पड़ता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस मंच का उपयोग मध्यप्रदेश के लिए अधिक से अधिक निवेश जुटाने के उद्देश्य से करने जा रहे हैं। एमपी सरकार का प्रतिनिधिमंडल दावोस के वैश्विक मंच पर ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस, त्वरित निर्णय प्रणाली और भूमि-आवंटन की सरल प्रक्रिया को वैश्विक निवेशकों के समक्ष प्रमुखता से रख रहा है।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की थीम “ ए स्परिट हाफ डायलॉग "
इस वर्ष वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की थीम “ ए स्परिट हाफ डायलॉग ” रखी गई है, जो सहयोग और साझेदारी पर आधारित विकास मॉडल पर आधारित है। दावोस में मध्यप्रदेश निवेश-केंद्रित संवाद, नीति प्रस्तुतिकरण और रणनीतिक साझेदारियों पर फोकस कर रहा है। मध्यप्रदेश विशेष रूप से कृषि एवं फूड प्रोसेसिंग, बायोटेक-फार्मा-हेल्थकेयर, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, रसायन उद्योग, टेक्सटाइल एवं गारमेंट, रियल एस्टेट, परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स, होल्डिंग कंपनियों, शिक्षा और खेल अवसंरचना जैसे क्षेत्रों में निवेश संवाद करेगा। दावोस दौरे के माध्यम से मध्यप्रदेश मैन्युफैक्चरिंग, रिन्यूएबल एनर्जी, लॉजिस्टिक्स, टेक्सटाइल, रसायन उद्योग और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में वैश्विक उद्योग जगत से संवाद होगा और सभी को एमपी आमंत्रित किया जायेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मुख्य उद्देश्य "इन्वेस्ट इन एमपी " को वैश्विक स्तर पर मजबूती से स्थापित करना है। राज्य सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में निवेश नीतियों को सरल, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल बनाया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में तेजी, त्वरित निर्णय प्रक्रिया, भूमि आवंटन की आसान व्यवस्था और निवेशकों के लिए एकल खिड़की प्रणाली जैसी पहलें दावोस में प्रमुखता से प्रस्तुत की जा रही हैं। सीएम डॉ. मोहन यादव 21 जनवरी से विभिन्न सत्रों, वन-टू-वन मीटिंग्स, सेक्टोरल राउंडटेबल्स और कॉर्पोरेट डायलॉग में भाग लेंगे, जहां वे वैश्विक सीईओ, नीति-निर्माताओं और बहुराष्ट्रीय कंपनियों से अपना सीधा संवाद स्थापित करेंगे।
सरल, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल नीतियों से एमपी में निवेश के भरपूर अवसर
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की थीम “ ए स्परिट हाफ डायलॉग "
इस वर्ष वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की थीम “ ए स्परिट हाफ डायलॉग ” रखी गई है, जो सहयोग और साझेदारी पर आधारित विकास मॉडल पर आधारित है। दावोस में मध्यप्रदेश निवेश-केंद्रित संवाद, नीति प्रस्तुतिकरण और रणनीतिक साझेदारियों पर फोकस कर रहा है। मध्यप्रदेश विशेष रूप से कृषि एवं फूड प्रोसेसिंग, बायोटेक-फार्मा-हेल्थकेयर, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, रसायन उद्योग, टेक्सटाइल एवं गारमेंट, रियल एस्टेट, परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स, होल्डिंग कंपनियों, शिक्षा और खेल अवसंरचना जैसे क्षेत्रों में निवेश संवाद करेगा। दावोस दौरे के माध्यम से मध्यप्रदेश मैन्युफैक्चरिंग, रिन्यूएबल एनर्जी, लॉजिस्टिक्स, टेक्सटाइल, रसायन उद्योग और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में वैश्विक उद्योग जगत से संवाद होगा और सभी को एमपी आमंत्रित किया जायेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मुख्य उद्देश्य "इन्वेस्ट इन एमपी " को वैश्विक स्तर पर मजबूती से स्थापित करना है। राज्य सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में निवेश नीतियों को सरल, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल बनाया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में तेजी, त्वरित निर्णय प्रक्रिया, भूमि आवंटन की आसान व्यवस्था और निवेशकों के लिए एकल खिड़की प्रणाली जैसी पहलें दावोस में प्रमुखता से प्रस्तुत की जा रही हैं। सीएम डॉ. मोहन यादव 21 जनवरी से विभिन्न सत्रों, वन-टू-वन मीटिंग्स, सेक्टोरल राउंडटेबल्स और कॉर्पोरेट डायलॉग में भाग लेंगे, जहां वे वैश्विक सीईओ, नीति-निर्माताओं और बहुराष्ट्रीय कंपनियों से अपना सीधा संवाद स्थापित करेंगे।
सरल, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल नीतियों से एमपी में निवेश के भरपूर अवसर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने निवेश नीतियों को सरल, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल बनाया है। एमपी एक जमाने में बीमारू राज्य के रूप में जाना जाता था, अब रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के माध्यम से निवेश की भरपूर क्षमताओं से एमपी निवेशकों के दिल जीत रहा है। राज्य सरकार की निवेशकों के अनुकूल नीतियां और अनेक प्रोत्साहन राज्य में व्यापार और उद्योग की नई संभावनाएं के द्वार खोल रही हैं जिससे निवेशक मध्यप्रदेश की तरफ तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव दावोस पहुंचने के बाद कई प्रमुख कंपनियों और उद्योगपतियों से मुलाकात करेंगे।
रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया माइलस्टोन
एक माह पूर्व ग्वालियर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव को विकास का महत्वपूर्ण माइलस्टोन करार दिया था। उन्होंने कहा कि इन कॉन्क्लेव के जरिए निवेश को रोजगार से जोड़ने का सफल प्रयास मोहन के कार्यकाल में हुआ है। मोहन सरकार ने विभिन्न संभागों में इन कॉन्क्लेव का आयोजन कर निवेश आकर्षित किया, जिससे औद्योगिक ईकाइयां स्थापित हो रही हैं और लाखों युवाओं को रोजगार मिल रहा है। शाह ने इसे प्रदेश की आर्थिक मजबूती का आधार बताया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर हुए इस मेगा समिट में 2 लाख करोड़ से अधिक के निवेश वाले प्रोजेक्ट्स की नींव रखी गई, जिससे करीब 2 लाख नौकरियां पैदा होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया माइलस्टोन
एक माह पूर्व ग्वालियर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव को विकास का महत्वपूर्ण माइलस्टोन करार दिया था। उन्होंने कहा कि इन कॉन्क्लेव के जरिए निवेश को रोजगार से जोड़ने का सफल प्रयास मोहन के कार्यकाल में हुआ है। मोहन सरकार ने विभिन्न संभागों में इन कॉन्क्लेव का आयोजन कर निवेश आकर्षित किया, जिससे औद्योगिक ईकाइयां स्थापित हो रही हैं और लाखों युवाओं को रोजगार मिल रहा है। शाह ने इसे प्रदेश की आर्थिक मजबूती का आधार बताया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर हुए इस मेगा समिट में 2 लाख करोड़ से अधिक के निवेश वाले प्रोजेक्ट्स की नींव रखी गई, जिससे करीब 2 लाख नौकरियां पैदा होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
निवेश मंथन की रणनीति
मध्यप्रदेश अपनी कई विशिष्ट पहचानों के कारण पूरे देश में अपनी विशेष पहचान बनाने में कामयाब हुआ है। प्रदेश में 18 नई उद्योग-अनुकूल नीतियां, विस्तृत लैंड बैंक, भरपूर जल उपलब्धता, स्किल्ड मानव संसाधन, उत्कृष्ट लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी और पारदर्शी प्रशासन निवेशकों को बेहतर वातावरण प्रदान कर रहे हैं। डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में अब तक 8.5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं।
सीएम डॉ .मोहन यादव ने अपने कार्यकाल में औद्योगिक विकास को एक नई दिशा प्रदान की है। एमपी में इलेक्ट्रिक वाहन, स्मार्ट सिटी, सूचना प्रौद्योगिकी, रिन्यूएबल एनर्जी, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, फार्मा, आईटी और पेट्रोकेमिकल्स जैसे प्रमुख सेक्टरों में निवेश के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। राज्य का उद्देश्य केवल निवेश प्रस्ताव प्राप्त करना नहीं, बल्कि दीर्घकालिक और भरोसेमंद साझेदारी विकसित करना है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव का दावोस का दौरा देश के ह्रदयप्रदेश एमपी को निवेश के भरोसेमंद गंतव्य के रूप में स्थापित करेगा।
एमपी को मिलेगी नई दिशा
सीएम डॉ .मोहन यादव ने अपने कार्यकाल में औद्योगिक विकास को एक नई दिशा प्रदान की है। एमपी में इलेक्ट्रिक वाहन, स्मार्ट सिटी, सूचना प्रौद्योगिकी, रिन्यूएबल एनर्जी, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, फार्मा, आईटी और पेट्रोकेमिकल्स जैसे प्रमुख सेक्टरों में निवेश के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। राज्य का उद्देश्य केवल निवेश प्रस्ताव प्राप्त करना नहीं, बल्कि दीर्घकालिक और भरोसेमंद साझेदारी विकसित करना है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव का दावोस का दौरा देश के ह्रदयप्रदेश एमपी को निवेश के भरोसेमंद गंतव्य के रूप में स्थापित करेगा।
एमपी को मिलेगी नई दिशा
दावोस में होने वाली चर्चाओं और संभावित निवेश समझौतों से राज्य को नई दिशा मिल सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार निवेशकों के लिए सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। राज्य में व्यापारिक वातावरण को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस, त्वरित निर्णय प्रणाली और भूमि-आवंटन की सरल प्रक्रिया को दावोस में वैश्विक निवेशकों के समक्ष प्रमुखता से रखा जाएगा।
विभिन्न सत्रों में होगी एमपी की भागीदारी
दावोस के दौरान विभिन्न सत्रों, बैठकों और वन टू वन संवादों के माध्यम से निवेश, औद्योगिक सहयोग और रणनीतिक साझेदारी से जुड़े ठोस अवसर सामने आएंगे। उद्योग और विनिर्माण से जुड़े सत्रों में रक्षा उत्पादन, उन्नत मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक अवसंरचना जैसे क्षेत्रों पर फोकस रहेगा। वैश्विक उद्योग प्रतिनिधियों के साथ होने वाले संवादों में राज्य की औद्योगिक नीति, निवेश-अनुकूल वातावरण और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की क्षमता को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा। डिजिटल तकनीक और नवाचार से जुड़े सत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन सॉल्यूशंस पर चर्चा होगी। इन विमर्शों में प्रशासन, उद्योग और सेवाओं में तकनीक के प्रभावी उपयोग को लेकर मध्यप्रदेश का व्यावहारिक और परिणाम-केंद्रित नजरिया सामने आएगा।
निवेश, तकनीक और ऊर्जा में नई साझेदारियां
निवेश, तकनीक और ऊर्जा में नई साझेदारियां
दावोस में पहले दिन हुई राज्य प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में मध्यप्रदेश ने खुद को भविष्य की तकनीक और सतत विकास का केन्द्र बनाने की दिशा में अपने कदम बढ़ाये हैं। राज्य के प्रतिनिधियों की वैश्विक शीर्ष कंपनियों के साथ हुई बैठकों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि एमपी अब टियर टू तकनीकी हब , एआई और नवीनीकरण ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। एचसीएल टेक, ग्रीन एनर्जी 3000, पीस इन्वेस्ट से ऊर्जा जल परियोजनाओं पर हुई चर्चा और अमारा राजा समूह से ऊर्जा भण्डारण ,भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं पर मंथन इस दिशा में नई साझेदारी की नींव रखने जा रहा है।
दावोस का वैश्विक मंच मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर स्थायी रूप से स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। डॉ.मोहन यादव के विजनरी नेतृत्व में एमपी अब केवल भारत का दिल नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक उभरता हुआ निवेश केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। दावोस मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निवेश अभियान को वैश्विक स्तर पर गति देगा। यह दौरा एमपी को देश के प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में निश्चित रूप से मदद करेगा।
दावोस का वैश्विक मंच मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर स्थायी रूप से स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। डॉ.मोहन यादव के विजनरी नेतृत्व में एमपी अब केवल भारत का दिल नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक उभरता हुआ निवेश केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। दावोस मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निवेश अभियान को वैश्विक स्तर पर गति देगा। यह दौरा एमपी को देश के प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में निश्चित रूप से मदद करेगा।
No comments:
Post a Comment