Friday 3 March 2023

बजट से सबका दिल जीतने में कामयाब हुई शिवराज सरकार










मध्यप्रदेश विधानसभा में आज प्रदेश का वर्ष 2023-24 का बजट पेश किया गया। शिवराज सरकार के द्वारा  पेश किये गए  बजट में प्रधानमंत्री मोदी के  'सबका साथ सबका विकास' की झलक साफ़ दिखाई दी  है।  ख़ास बात यह रही  इस अंतिम बजट में जनता पर कोई नया कर नहीं लगाया गया है। सरकार ने अपने अनेक लोक लुभावन वायदों से जनता का दिल जीतने की कोशिश की है।  महिलाओं से लेकर युवा , बुजुर्गों से लेकर दिव्यांगों, आदिवासियों  हर वर्ग  पर इस बजट में विशेष फोकस किया गया है।  शिवराज सरकार ने समाज के सभी वर्गों के हितों को ध्यान  में रखकर अपना खजाना खोला  है।  सरकार द्वारा इस बजट में किये गए कई प्रावधानों का लाभ समाज के सभी वर्गों को होगा।  

देश के सकल घरेलू उत्पाद में  मध्यप्रदेश का योगदान 3.6 % से बढ़कर अब 4.8 % हो चुका है। वर्ष 2011-12 प्रति व्यक्ति आय 30 हजार 497 रुपये थी, अब 2022-23 में साढ़े तीन गुना तक बढ़कर एक लाख 40 हजार 585 रुपये हो गई है। मध्यप्रदेश का कुल बजट 3.14 लाख करोड़ रुपये का है, जो पिछले साल 2.79 लाख करोड़ रुपये का था। 55,709 करोड़ रुपये का राजकोषीय घाटा अनुमानित है।  वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बजट को प्रस्तुत करते हुए कहा प्रदेश में दस बरस दिग्विजय सिंह की कांग्रेस सरकार कर्ज लेकर वेतन और भत्ते देती थी लेकिन सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट जनता की उम्मीदों का बजट  है।  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में  सभी क्षेत्रों में आज प्रदेश का  चहुंमुखी  विकास  हो रहा है।  राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में मध्यप्रदेश का योगदान बीते 10 वर्षों में 3.6 प्रतिशत से बढ़कर 4. 8  प्रतिशत पहुँच गया  है।  प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 2011 -12 में जहाँ 38 हजार 497 करोड़ थी वहीँ 2022 -23  में यह बढ़कर 1 लाख 40 हजार 583 हो गई है।
      
 इस बजट में  नारी शक्ति का  मान बढ़ाने में  सरकार कामयाब हुई है।  प्रदेश सरकार ने नारी शक्ति के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं प्रदेश में चलाई हैं जिसका  परिणाम आज  धरातल  पर दिखाई दे रहा है।  2015 -16 की तुलना में 2020 -21 में लिंगानुपात 927 से बढ़कर 956 हो चुका है।  लाड़ली लक्ष्मी योजना के माध्यम से प्रदेश में अब तक 44 लाख से अधिक लाड़लियां लाभान्वित हुई हैं।  वर्ष 2007 से आरंभ लाड़ली लक्ष्मी योजना में अब तक 44 लाख 39 हजार से अधिक लाड़लियां लाभान्वित हुई हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 929 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है।  महिला स्वसहायता समूहों ने प्रदेश के विकास में अपना अमूल्य योगदान दिया है जिसे देखते हुए सरकार ने वित्तीय वर्ष 2023 -24  में 660 करोड़ का प्रावधान किया है जो उनके सशक्तिकरण में कारगर साबित होगा।  मध्यप्रदेश की लाड़ली लक्ष्मी योजना  की  गूँज  प्रदेश से लेकर पूरे  देश तक सुनाई दी है।  इस योजना में अब तक  44 लाख 39 हजार से अधिक  बालिकाएं  लाभान्वित हुई हैं।  वित्तीय वर्ष 2023 -24 में लाड़ली लक्ष्मी के लिए 929  करोड़  प्रावधान इस बजट में किया गया है ।  विशेष पिछड़ी जनजातीय महिलाओं को कुपोषण से मुक्ति दिलाने के लिए आहार अनुदान योजना  चलाई  जा  रही है जिसके  तहत इन महिलाओं के खातों में प्रतिमाह 1 हजार रु जमा करवाए जाते हैं।   इस बार इसमें 300  करोड़ का प्रावधान किया गया है।  मुख्यमंत्री लाड़ली योजना  की तर्ज पर अब प्रदेश की महिलाओं को प्रदेश  में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की नई सौगात मिलने जा रही है जिसके तहत सभी पात्र महिलाओं के खातों में प्रतिमाह 1  हजार रु की राशि जमा की जाएगी। 

मुख्यमंत्री बालिका स्कूटी  योजना का बड़ा ऐलान इस बार के बजट में किया गया है।  राज्य सरकार ने घोषणा की है कि अपने-अपने स्कूल में 12वीं में टॉप करने वाली छात्राओं को ई-स्कूटी दी जाएगी। छात्राओं  को स्कूल तक पहुंचाने के लिए सुविधाओं का विकास करते हुए इस बजट में  प्रदेश के समस्त उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालयों में पहला स्थान पाने वाली बालिकाओं को अब स्कूटी दी जाएगी।आहार अनुदान योजना के लिए 300 करोड़ रुपए का प्रावधान  बजट में  किया गया है।  इसके तहत बैगा, भारिया, सहरिया जनजाति की महिलाओं को 1 हजार रुपए महीना दिया जाएगा।   प्रसूति सहायता योजना में 400 करोड़ रु का प्रावधान किया है। इसी तरह कन्या विवाह एवं निकाह के लिए 80 करोड़ रुपए। मातृत्व वंदना योजना के लिए 467 करोड़ रुपये का बजट रखा  गया है। नई आबकारी नीति के जरिये नशे की लत को हतोत्साहित करने का फैसला किया गया है। ग्रामीण आजीविका मिशन  के लिए 660 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।  नारी कल्याण के लिए 1 लाख 2976 करोड़ रुपये आवंटित किये गए हैं।  सरकार ने  12  हजार नए  स्वसहायता समूहों का  गठन करने का ऐलान भी किया है।   महिला स्व-सहायता के लिए 600 करोड़ रुपये का बजट का प्रावधान किया है।  कन्या विवाह योजना की प्रोत्साहन की राशि 51 से बढ़ाकर  55 हजार की गई है।  नारी कल्याण के लिए कुल 1 लाख 2976 करोड़ रुपये का बजट महिलाओं के सशक्तिकरण में कारगर साबित होगा।  

स्वरोजगार से लेकर कौशल विकास पर  सरकार ने इस बजट में जोर दिया है।  युवाओं के कौशल विकास के साथ उनके रोजगार और स्वरोजगार की दिशा में भी इस बजट में सरकार के द्वारा विशेष प्रयास किये  हैं।  सरकारी नौकरियों में 1 लाख नौकरियां देने का अभियान सरकार के द्वारा चलाया जा  रहा है।  मुख्यमंत्री उद्यम योजना , मुद्रा योजना और अन्य स्वरोजगार की योजनाओं से आज प्रदेश का युवा सशक्त हो रहा  है।  युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए 252 करोड़ रु की योजनाओं का प्रावधान किया गया है।  मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत 1 हजार करोड़ के बजट का प्रावधान इस बजट में हुआ है।  घुमंतू जातियों के रोजगार के लिए 252करोड़ रुपये का प्रावधान बजट में किया गया है।  युवाओं को स्वावलंबी बनाना सरकार की  प्रमुख प्राथमिकता है । इसके तहत 1 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जाएगी। रोजगार के लिए 200 युवाओं को जापान भेजा जायेगा ।  नई शिक्षा नीति के लिए  सरकार  ने इस बजट में 277 करोड़ रु का प्रावधान  किया है । एमबीबीएस सीट 2 हजार 55 से बढ़ाकर 3 हजार 605 की जाएंगी। पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स के लिए 649 सीट्स बढ़कर 915 होंगी।नर्सिंग कॉलेज योजना से मेडिकल कॉलेज में 810 बीएससी नर्सिंग, 300 पोस्ट बेसिक नर्सिंग की एक्स्ट्रा सीट्स होंगी। 25 चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए 400 करोड़ रुपए का प्रावधान इस  में किया गया है ।  
 
पेंशन नियमों में  सरलीकरण पर इस बार के बजट में सरकार ने जोर दिया है। सरकारी कर्मचारियों को रिटायर होने के बाद उनके रिटायरमेंट लाभ जल्द से जल्द मिले, इसके लिए पेंशन नियमों का सरलीकरण किया जा रहा है। अनुकंपा नियुक्ति के लिए परिवार की विवाहित पुत्री को भी पात्रता दी गई है। चिकित्सा प्रतिपूर्ति नियमों को सरल और मान्यता प्राप्त निजी चिकित्सालयों में आयुष्मान योजना की निर्धारित दरों पर इलाज की सुविधा दी गई है। इसके साथ ही सरकारी कर्मचारियों को देय भत्तों का सातवें वेतनमान के परिप्रेक्ष्य में पुनरीक्षण करने के लिए समिति गठित की गई है। 

नए सीएम राइज  से शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति होगी।  प्रदेश में अब तक 370 सीएम राइज  स्कूल खुल चुके हैं।  9000 नए सीएम राइज स्कूल खोलने हेतु  सरकार ने इस बजट में प्रावधान किया है।  पीएम श्री योजना के  तहत सरकार ने  277 करोड़ रु का प्रावधान किया है।  प्रदेश में एमबीबीएस सीट 2055 से बढ़ाकर 3605 की जाएंगी।  विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 29 हजार शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया जारी है।  शिक्षा के लिए इस बजट में 5 हजार 532 करोड़ रु का प्रावधान किया गया है।  सीएम राइज स्कूल के लिए 3230 करोड़ रुपये का बजट सरकार ने पेश किया है ।
  
नर्मदा प्रगति पथ के साथ श्री देवी महालोक , रामराजा लोक , वनवासी राम लोक का विकास  होगा।  सरकार द्वारा पेश किये  गए बजट में नर्मदा प्रगति पथ निर्माण के लिए भी प्रावधान किया गया है।   प्रदेश में कुल 900 किमी लंबा नर्मदा प्रगति पथ बनाया जाएगा।  सलकनपुर के प्रसिद्ध देवी मंदिर में श्री देवी महालोक  का निर्माण होगा । सागर में संत रविदास स्मारक, ओरछा में रामराजा लोक, चित्रकूट में दिव्य वनवासी राम लोक को भी किया जाएगा। इसके लिए 358 करोड़ रु. का बजट  में प्रावधान किया गया है । सलकनपुर में श्रीदेवी महालोक, सागर में संत रविदास स्मारक, ओरछा में रामराजा लोक, चित्रकूट में दिव्य वनवासी राम लोक को डेवलप किया जाएगा। इसके लिए 358 करोड़ रुपए का  प्रावधान बजट में किया है।

खेल विभाग का बजट बढ़कर 738 करोड़ रुपये  पहुँच गया है।  सरकार ने खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए खेल विभाग का बजट बढ़ाकर 738 करोड़ रुपये कर दिया है।  इसी के साथ प्रदेश में अब स्पॉर्ट्स टूरिज्म को बढ़ावा देने की बात कही  है । भोपाल के नाथू बरखेड़ा में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण और स्पोर्ट्स साइंस सेंटर की स्थापना की जाएगी। 

सरकार ने इस बजट में  भोपाल में संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क बनाने का नया ऐलान किया है। इसमें हर साल 6 हजार लोगों को ट्रेनिंग दी जाएगी। ग्वालियर, जबलपुर, सागर और रीवा में भी स्किल सेंटर शुरू किए जाएंगे। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का इस   बजट में   विस्तार हुआ है।  अब सरकार इस योजना के तहत तीर्थयात्रियों को हवाई जहाज से तीर्थ दर्शन कराएगी ।  मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन के के लिए 50 करोड़ रु स्वीकृत किये गए हैं । 

किसानों के कल्याण के लिए भी कई सौगातें सरकार ने दी हैं।  सरकार ने कृषि सम्बन्धी योजनाओं के लिए  कुल 53 हजार 964 करोड़ रु का बजट प्रस्तावित किया गया है। डिफॉल्टर किसानों का कर्ज सरकार ने भरने का बड़ा ऐलान इस बजट में किया है।  मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के अन्तर्गत 3 हजार 200 करोड़ रु का प्रावधान इस बजट में किया गया है।  प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने के साथ ही फसल विविधीकरण प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 11 हजार एकड़ में वैकल्पिक फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने की बात हुई है।   प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत सुरक्षा कवच हेतु 2 हजार करोड़ रु की राशि सरकार प्रदान करेगी।।  मोटे अनाज के लिए 1000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।  11हजार एकड़ मे सुगंधित खेती को बढ़ावा  देने की भी बात हुई है।  सिंचाई परियोजना के लिए 11 हजार 50 करोड़ रुपये का बजट, किसानों को हर साल 10,000 की आर्थिक सहायता, सीएम किसान कल्याण योजना के लिए 3200 करोड़ रुपये का बजट किसानों के लिए सही मायनों में नई सौगातें लेकर आया  है।   मुख्यमंत्री गोसेवा योजना के अंतर्गत 3346 गोशाला का निर्माण स्वीकृत किया गया है।

आधारभूत अवसंरचना पर भी विशेष फोकस सरकार ने किया है।  सरकार द्वारा  प्रस्तुत किये गए  बजट में इंदौर, भोपाल में मेट्रो रेल के लिए 710 करोड़ रुपये का बजट   प्रस्तावित किया गया है।  इसी साल दोनों शहरों में मेट्रो का ट्रायल करने की योजना है। चुनावी दृष्टि से यह बेहद महत्वपूर्ण है।  इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर का भी  विकास होगा होगा वहीँ 105 नए  रेलवे ब्रिज  भी इस बजट में प्रस्तावित हैं।  हवाई पट्टियों के विकास के लिए 80 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। प्रदेश में सड़कों और पुलों के लिए 56 हजार 256 करोड़ रुपए , नगरीय निकायों को 842 करोड़ रुपए, नगरीय विकास के लिए 14 हजार 82 करोड़ रुपए और स्थानीय निकायों को 3 हजार 83 करोड़ रुपए के साथ ही नगरीय  विकास के लिए 14 हजार 82 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। सड़क और पुलों के निर्माण के लिए 2023 -24 में 10  हजार 182 करोड़ का प्रावधान किया गया है।  

इस प्रकार शिवराज सरकार द्वारा  पेश किये गए बजट में समाज के सभी वर्गों के हित  में घोषणाएं की गयी हैं।  प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत  ये बजट समाज  के सभी  वर्गों के लिए लाभकारी और कल्याणकारी  है।  

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