गुरुवार, 16 दिसंबर 2010

"दिग्गी" राजा का सियासी वार .......भाग 2


दिग्विजय सिंह कोई नौसिखिये राजनेता नही है। वह १० साल मध्य प्रदेश में कांग्रेस के मुख्य मंत्री की कुर्सी सँभालने के साथ ही संगठन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को संभाल चुके है .....ऐसे जिम्मेदार व्यक्ति से यह उम्मीद नही की जा सकती कि वह अपनी पार्टी की और खुद की राजनीती चमकाने के लिए देश के शहीदों की शहादत पर सवाल उठा लेगा दिग्विजय सिंह द्वारा दिए गए बयान को पार्टी के कई लोग नही पचा पा रहे है ...
संभवतया पांच राज्यों में होने जा रहे विधान सभा चुनाव और बिहार में कांग्रेस की पतली हालत के मद्देनजर मुसलमानों की सहानुभूति पाने के लिए उन्होंने यह बयान दिया.... इस बयान के जरिये दिग्गी राजा ने एक तीर से २ निशाने साधने की कोशिश की है...
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पहला तो हाई कमान के दरबार में अपने नम्बर बदाना और दूसरा मुस्लिम वोटरों के प्रति अपनी पार्टी की सहानुभूति को सभी के सामने उजागर करना..... इसमें उनको कितनी सफलता मिलती है यह तो आने वाला समय ही बतायेगा लेकिन इस बयान से कांग्रेस ने अपने को अलग कर दिया है......उसके प्रवक्ता का कहना है कि यह दिग्गी राजा के निजी विचार हो सकते है.......... पार्टी का इससे कुछ भी लेना देना नही है .......

वैसे बताते चले इस बयान ने भाजपा को कांग्रेस को घेरने का एक मौका और दे दिया है..... केंद्र की संप्रग २ सरकार लगातार घोटालो में घिरती जा रही है....ऐसे में जनता का ध्यान भटकाने के लिए दिग्गी राजा ने हिन्दुओ को निशाने पर लेना शुरू किया है......
पिछले कुछ समय से केंद्र सरकार के राज में जिस तरह से घोटालो की परते खुलती जा रही है इससे कांग्रेस की मुश्किलें कम होने का नाम नही ले रही है... इसी को ध्यान रखते हुए दिग्गी राजा ने एक बार फिर से हिन्दुओ के खिलाफ अपना मोर्चा खोल दिया है ........

शहीदों के नाम पर दिग्गी जैसे राजनेता आज भी राजनीती करने से बाज नही आ रहे है ......यह इस देश का दुर्भाग्य है कि हमारे राजनेता आज न जाने किस युग में जी रहे है .... उन्हें यह बात मालूम नही कि आज का वोटर समझदार हो गया है... वह जात , धर्म की राजनीती को भुला कर विकास की राजनीती पर यकीन करता है ....वह इस बात को बखूबी जान गया है कि नगर निगम चुनाव में किसको वोट देना है... साथ ही राज्य और केंद्र में किसको मौका देना है ?

(जारी रहेगा.......)

3 टिप्‍पणियां:

कविता रावत ने कहा…

har baat-bebaat par raajniti karna hi to hamare digaj raajnitiyon ko aata hai.... sharmnaak hai yah sab khel

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

दुर्भाग्य है देश का।

केवल राम ने कहा…

यह हालत हमें किस दिशा की तरफ ले जायेंगे ..सहज अंदाजा लगया जा सकता है ...बहुत सार्थक तरीके से विचार किया है आपने ..........शुक्रिया