बुधवार, 22 दिसंबर 2010

"स्वर्णिम मध्य प्रदेश की कहानी "दागदार हैं माननीय " ......भाग १


मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जहाँ एक ओर "स्वर्णिम मध्य प्रदेश " बनाने में लगे है वही प्रदेश के भीतर मौजूद माननीयो का दामन भी कम दागदार नही है ......२३० सदस्यों वाली प्रदेश की विधान सभा में तकरीबन ५० विधायक कई संगीन आपराधिक घटनाओ में लिप्त पाए गए है .....यह खुलासा खुद प्रदेश के गृह मंत्री उमा शंकर गुप्ता ने सदन में महीनो पहले किया ......

मध्य प्रदेश विधान सभा में सब कुछ ठीक ठाक है .... यह कहने से पहले अब विधान सभा अध्यक्ष ईश्वर दास रोहाणी को दस बार सोचना पड़ेगा ....आमतौर पर रोहाणी मध्य प्रदेश की विधान सभा को उत्तर प्रदेश, बिहार , महारास्ट्र जैसे राज्यों की विधान सभा से बेस्ट बताने से पीछे नही हटते थे लेकिन सूबे के गृह मंत्री उमा शंकर की घोषणा ने रोहाणी को यह सोचने लिए मजबूर कर दिया है कि मध्य प्रदेश की विधान सभा में कुछ भी " आल इज वेल " नही है.......

लोकतंत्र के जिस मंदिर में बैठकर राज्य के विधायक सूबे के विकास की दिशा तय करते है उसी पवित्र मंदिर के भीतर हमारे कई ऐसे विधायक प्रवेश पा गए है जो गंभीर घटनाओ को अंजाम देने के आरोपी है ....इनके खिलाफ लूटपाट , धोखाधड़ी से लेकर हत्या तक के मामले प्रदेश के विभिन्न थानों में दर्ज है ... इसमें सत्ता पक्ष के साथ विपक्षी भी शामिल है....

सदन को कुछ समय पहले उपलब्ध करवाई गयी इस जानकारी में कई चौकाने वाले तथ्य सामने आये है .....विधान सभा के उपाध्यक्ष हरवंश कपूर से लेकर कांग्रेस की दिवंगत पूर्व नेता प्रतिपक्ष जमुना देवी का नाम भी शामिल है .......हरवंश सिंह पर जहाँ धोखाधड़ी का मामला दर्ज है वही बिजावर से विधायक आशा रानी सिंह पर अपहरण, बलात्कार में सहयोग जैसे कई मामले दर्ज है.......

डबरा की विधायक इमरती देवी भी धोखाधड़ी के एक केस में फसी हुई है.... बिजावर से आशा रानी सिंह पर कई संगीन धाराए लगी है जो वर्तमान में पुलिस की पहुच से बाहर है .......सीहोर से विधायक रमेश सक्सेना , डिंडोरी से ओमकार सिंह, खुरई से अरुणोदय चौबे , बन्दा से नारायण प्रजापति और गाडरवाडा से साधना स्थापक और महिदपुर से चर्चित विधायक कल्पना परुलेकर के खिलाफ बलवा, आगजनी की एफ आई आर विभिन्न थानों में दर्ज है..... टीकमगढ़ से पृथिवी पुर के विधायक ब्रिजेन्द्र राठौर पर हत्या और उससे जुड़े मामलो पर कई मामले दर्ज है जिनकी संख्या काफी ज्यादा है........

चौकाने वाली बात ये है कि प्रदेश की विधान सभा में तकरीबन ५० सदस्य ऐसे है जिनके खिलाफ विभिन्न थानों में कई संगीन अपराध पंजीकृत है .... मध्य प्रदेश के १८ से अधिक माननीय तो ऐसे है जिनके खिलाफ गंभीर वारदातों को अंजाम देने का आरोप है...............

धरा १८८ के तहत सत्य नारायण पटेल , यशपाल सिसोदिया , जीतेन्द्र डागा, बाला बच्चन , माखनलाल जाटव, कल्पना परुलेकर पर मामले जहाँ दर्ज है वही १५१ के तहत विश्वास सारंग ,( दिवंगत नेता) बुआ जी , अजय सिंह, हुकुम सिंह, उमंग सिगार , के पी सिंह, सुखदेव पाये , दिलीप सिंह , निशीथ पटेल, प्रिय व्रत सिंह, तुलसी सिलावट, यादवेन्द्र सिंह, बाल सिंह, प्रताप ग्रेवाल , ओमकार सिंह, रेखा यादव , लक्षमण तिवारी पर संगीन धाराए लगी है......

इतना ही नही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल के मंत्री भी आपराधिक घटनाओ में लिप्त पाए गए है.....महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री रंजना बघेल के खिलाफ ३२३, ५०६ के तहत प्रकरण दर्ज हुआ है वही सहकारिता मंत्री गौरी शंकर के खिलाफ १८८ के तहत मामला दर्ज है.... रंजना बघेल के खिलाफ तो चालान प्रकरण भी तैयार हो गया है लेकिन इसे न्यायालय में प्रस्तुत नही किया गया है वही सहकारिता मंत्री के खिलाफ एक प्रकरण न्यायलय में विचाराधीन है..... पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के भांजे अनूप मिश्रा के खिलाफ १८८, १२६ जनप्रति निधि अधिनियम के तहत गंभीर मामले पर सुनवाई अभी चली है.......


सबसे मजे की बात तो ये है कि संगीन आपराधिक घटनाओ के मामले में सत्तारुद भाजपा के साथ ही विपक्षी कांग्रेस भी दूध की धुली नही है...... डबरा से कांग्रेस की विधायक इमरती देवी , धरमपुरी से कांग्रेस विधायक प्राची लाल , साधना स्थापक, नारायण प्रजापति , प्रदीप जायसवाल, पर कई संगीन धाराए लगी है ....


वही "स्वर्णिम मध्य प्रदेश बनाने वाले प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान की पार्टी के विधायको ने अपराध करने में सारे रेकॉर्डो को पीछे छोड़ दिया है......आशा रानी सिंह का आज तक पता नही चल पाया है.....

बहरहाल, जो भी हो देश में आपराधिक घटनाओ को करने में विधायको से लेकर सांसदों और भू माफियाओ की भूमिका किसी से छिपी नही है......यह घुन अब मध्य प्रदेश की विधान सभा में भी लग चूका है.....चूँकि विधान सभा के अन्दर तक पहुचने की चाबी जनता जनार्दन के हाथ रहती है .... अतः ऐसे में उसे ही विचार करना होगा कि कैसे इन माननीयो को सदन भेजने से रोका जाए....?

4 टिप्‍पणियां:

P S Bhakuni ने कहा…

jis २३० सदस्यों वाली प्रदेश की विधान सभा में तकरीबन ५० विधायक कई संगीन आपराधिक घटनाओ में लिप्त पाए गए है .....
aise main sarnim madhy-pradesh ki kalpna krna mahaj haasyspad hi lagta hai......

Ankur jain ने कहा…

kya bhandafodne ki than li hai pandeji......

meetu ने कहा…

राजनीती हर्ष की जान है........ आपकी लेखनी से यही जाहिर होता है.... ब्लॉग को पड़ते पड़ते राजनीती की ऐ बी सी सी आपसे सीखने लगी हूँ....
आपके राजनीती से लगाव की क्या कोई खास वजह है.........?

meetu ने कहा…

राजनीती हर्ष की जान है........ आपकी लेखनी से यही जाहिर होता है.... ब्लॉग को पड़ते पड़ते राजनीती की ऐ बी सी सी आपसे सीखने लगी हूँ....
आपके राजनीती से लगाव की क्या कोई खास वजह है.........?