मध्यप्रदेश की मोहन सरकार के सुशासन कार्यों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ने जा रहा है। विजनरी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में भाजपा सरकार मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 शुभारंभ 7 अगस्त शुक्रवार से करने जा रही है। मध्यप्रदेश में सुशासन और जन-सहभागिता को मजबूत करने की दिशा में मोहन सरकार का यह एक बड़ा कदम है। यह अभियान 8 जनवरी 2027 तक लगभग छह माह तक चलेगा। इसका मूल उद्देश्य जन-शिकायतों का त्वरित निराकरण, सरकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की समीक्षा और शासन-जनता के बीच विश्वास को मजबूत करना है।
छिंदवाड़ा न सिर्फ भौगोलिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि एमपी में राजनीतिक रूप से भी लंबे समय से कांग्रेस के दिग्गज नेता कमलनाथ का गढ़ माना जाता रहा है। 2023 के विधानसभा चुनावों में भाजपा छिंदवाड़ा में कमल खिला चुकी है वहीं 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा प्रदेश की सभी 29 सीटें अपने नाम कर चुकी है जिसमें छिंदवाड़ा शामिल रहा। ऐसे में छिंदवाड़ा से मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026’की शुरुआत को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बड़े मास्टर स्ट्रोक के रूप में देखा जा रहा है। छिंदवाड़ा पिछले कई दशकों से पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का मजबूत गढ़ रहा है। कमलनाथ यहां से कई बार चुनावी सफलता हासिल कर चुके हैं। ऐसे में भाजपा के लिए इस क्षेत्र में अपनी स्थिति भविष्य के लिहाज से मजबूत करना और विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाना बड़ी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 की शुरुआत इसी छिंदवाड़ा जिले से करके भाजपा यह बड़ा संदेश देना चाहती है कि विकास और सुशासन किसी एक परिवार की जागीर नहीं है। ऐसे आयोजन जहां सरकार को सीधे जनता से जोड़ने का काम करेंगे वहीं सरकार को उसकी तमाम योजनाओं की डिलीवरी और आम लोगों का फीडबैक भी मिलेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आगामी छिंदवाड़ा दौरे और कार्यक्रम को लेकर आम जनता में खासा उत्साह दिखाई दे रहा है।छिंदवाड़ा जिले से राज्यव्यापी मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 की शुरुआत के दौरान प्रशासनिक सुधारों, जनसुनवाई, योजनाओं की समीक्षा और जन समस्याओं के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर दिया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के सदस्य विभिन्न जिलों में जाकर जनता से सीधे संवाद करेंगे। छिंदवाड़ा में जन-विश्वास अभियान-2026 के शुभारम्भ के मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में होने वाले कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय समस्याओं पर चर्चा होने की संभावना है। जन-विश्वास अभियान का उद्देश्य क्षेत्र में जनता से सीधा संवाद एवं जुड़ाव, शिकायतों एवं समस्याओं का निराकरण करना, जमीनी फीडबैक प्राप्त करना, प्रशासन के पर्यवेक्षण तंत्र को सुदृढ़ करना और प्रशासन की पारदर्शी और संवेदनशील छवि का निर्माण करना है।यह कार्यक्रम जमीनी स्तर पर शासन की डिलीवरी को मजबूत करने का मजबूत माध्यम बनेगा। भले ही विपक्ष इसे चुनावी राजनीति का हिस्सा बता रहा है, लेकिन सरकार का कहना है कि सुशासन उसका मुख्य एजेंडा है। यह पहल मध्यप्रदेश को सुशासन के नए आयाम तक ले जाने की दिशा में मोहन सरकार का एक बड़ा एक सकारात्मक कदम है। एक सप्ताह पूर्व ही उस क्षेत्र के सी.एम. हेल्पलाईन, जन-सुनवाई और लोक सेवा गारंटी के लंबित प्रकरणों की समीक्षा, भ्रमण से पूर्व ही की जाएगी लंबित प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण किया जाएगा। साथ ही निराकरण से शेष रहे प्रकरणों एवंभ्रमण के दौरान प्राप्त आवेदनों का मौके पर निराकरण किया जाएगा।
सरकार की कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार अब प्रदेश में प्रत्येक शुक्रवार को मंत्रालय, संभाग और जिला स्तर पर नियमित बड़ी बैठकें नहीं होंगी। इसके बजाय मंत्री, विधायक, जनप्रतिनिधि, कलेक्टर और प्रशासनिक अधिकारी गांवों तथा शहरी वार्डों में पहुँचकर आम जनता से सीधे संवाद करेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और उनकी समस्याएँ मौके पर ही सुलझ जाएँ। इस व्यवस्था के तहत सभी प्रमुख सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्तर पर जांच की जाएगी। जमीनी भ्रमण के दौरान सादगी और मितव्ययिता पर सरकार का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
छिंदवाड़ा जैसे क्षेत्र से मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 की शुरुआत कर भाजपा साफ संदेश दे रही है कि वह कमलनाथ के पारंपरिक गढ़ में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराना चाहती है। मोहन की हुंकार यहां न सिर्फ जन- जन के मन में उत्साह का संचार करेगी, बल्कि राजनीतिक स्तर पर भी कांग्रेस को बड़ी चुनौती देने का प्रयास होगा। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शासन की कार्यशैली में पारदर्शिता और नए बदलाव का प्रतीक है। इस बदलाव में सरकार का सादगी और मितव्ययिता पर विशेष ज़ोर रहेगा। जब पूरे प्रदेश में सरकार हर शुक्रवार जनता के द्वार पर पहुँचेगी तो निश्चित रूप से समस्याओं का समाधान तेज होगा और शासन-जनता के बीच का रिश्ता और मजबूत बनेगा। मध्यप्रदेश में आने वाले निकाय और पंचायत चुनावों को देखते हुए भाजपा प्रदेश के हर क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत बनाने की कोशिशें कर रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का यह अभियान निश्चित रूप से सरकार को जनता के करीब लाकर पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाएगा।