मध्यप्रदेश में मोहन यादव का मनमोहक बजट आज विधानसभा में पेश किया गया है। यह बजट न केवल राज्य के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट है, बल्कि यह मोहन सरकार का मनमोहनी बजट इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि इसमें महिलाओं, किसानों, युवाओं और गरीब वर्गों के लिए आकर्षक घोषणाएँ हुई हैं। इसमें विकास, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और कृषि पर विशेष फोकस दिखता है।
बजट का कुल आकार लगभग 4.38 लाख करोड़ से 4.65 लाख करोड़ रुपये के बीच है, जो 2025-26 के करीब 4.21 लाख करोड़ से काफी बड़ा है। यह राज्य का पहला पेपरलेस बजट भी है, जो डिजिटल और पारदर्शी शासन की दिशा में एक मजबूत कदम है। बजट में कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया और मौजूदा टैक्स में भी कोई वृद्धि नहीं की गई है।
किसानों को विशेष प्रोत्साहन, 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे
3000 करोड़ रुपए की लागत से किसानों को 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। कृषक उन्नति योजना की घोषणा की गई है, जिसके अंतर्गत किसानों को विशेष प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है वहीं पीएम फसल बीमा योजना के लिए 1,299 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सीएम कृषक उन्नति योजना के लिए 5,500 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। किसानों को 337 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। 1 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया साथ ही कृषि क्षेत्र में भारी निवेश का प्रावधान किया गया है। कृषक उन्नति योजना की घोषणा की गई है, जिसके अंतर्गत किसानों को विशेष प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है। भावांतर योजना की सफलता से प्रभावित होकर अन्य राज्यों ने भी इसमें रुचि दिखाई है।
श्रम विभाग के लिए 1 हजार 335 करोड़ का प्रावधान
वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा- सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए श्रम विभाग के लिए 1335 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान प्रस्तावित किया है। इस बजट का उद्देश्य मजदूरों, असंगठित क्षेत्र के कामगारों और गरीब वर्ग को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत अब तक राज्य में 4 करोड़ 61 लाख से ज्यादा खाते खोले जा चुके हैं।इससे बड़ी संख्या में लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा गया है। वहीं, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में अब तक 3 करोड़ 64 लाख लोगों का पंजीयन हो चुका है। इस योजना के तहत दुर्घटना की स्थिति में बीमा सुरक्षा दी जाती है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से भी बड़ी संख्या में लोग जुड़े हैं। इस योजना में अब तक 1 करोड़ 54 लाख से ज्यादा लोगों ने पंजीयन कराया है, जिससे उनके परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिल रही है।
खेल के लिए 815 करोड़ रूपए का प्रावधान
बजट पेश करते हुए प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि युवाओं की खेल योजनाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रदेश की सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्टेडियम निर्माण का कार्य शुरू किया गया है। वर्तमान में प्रदेश में चार स्टेडियमों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके साथ ही खेल गतिविधियों के लिए 815 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।शिक्षा और खेल क्षेत्र में नए प्रावधान और निवेश बढ़ाने की बात खेल से जुड़ी योजनाएँ युवाओं को प्रोत्साहित करेंगी।
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 50 करोड़ का प्रावधान
धार्मिक और सामाजिक योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, ताकि वरिष्ठ नागरिकों और जरूरतमंद लोगों को धार्मिक स्थलों की यात्रा का लाभ मिल सके। वहीं, धर्म और संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन के लिए सरकार ने 2 हजार 55 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया है।
सिंहस्थ निर्माण कार्यों को स्वीकृति, 3 हजार 60 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान
राज्य सरकार ने आगामी सिंहस्थ आयोजन की तैयारियों के लिए अब तक 13 हजार 851 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास और निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी है। इसके साथ ही वर्ष 2026-27 के बजट में सिंहस्थ के लिए 3 हजार 60 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान प्रस्तावित किया गया है, जिससे अधोसंरचना, यातायात, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा।
पुलिस विभाग में 22 हजार 500 पदों पर भर्ती
वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा कि पुलिस विभाग में 22 हजार 500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। पुलिसकर्मियों के लिए 11000 नए आवास बनाए गए हैं। 1 अप्रैल 2026 से परिवार पेंशन के अंतर्गत तलाक शुदा पुत्री को भी परिवार पेंशन देने का फैसला लिया गया है।
2 साल में 33 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले
बजट पेश करते हुए प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि 2 साल में 33 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। 19300 एकड़ जमीन पर इंडस्ट्रियल और आईटी पार्क विकसित किए जा रहे हैं। 7 लाख 95 हजार स्टूडेंट्स को आर्थिक सहायता राशि का प्रावधान किए जा रहे हैं। उद्यम क्रांति योजना में 16,451 युवाओं को लोन दिया गया है।
पीएम आवास के लिए 6 हजार 850 करोड़ का प्रावधान
बजट पेश करते हुए प्रदेश के वित्त मंत्री ने कहा- 6 हजार 850 करोड़ पीएम आवास के लिए प्रावधान है। पीएम जनमन के लिए 900 करोड़, जी रामजी के लिए 10428 करोड़ के प्रावधान किए गए हैं। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के लिए 40062 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है।
केंद्र में महिला सशक्तिकरण
इस बजट में महिला सशक्तिकरण और नारी कल्याण को केंद्र में रखा गया है। बजट में महिलाओं और बालिकाओं से जुड़ी योजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर प्रावधान किए गए हैं। सरकार ने लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 8,801 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। वहीं लाड़ली बहना योजना के लिए 23,882 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जिससे प्रदेश की करोड़ों महिलाओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण अभियान को मजबूत करने के लिए 80 लाख दूध पैकेट वितरित किए जाएंगे। इस योजना के लिए 6,700 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। कामकाजी महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई जिलों में ‘सखी भवन’ का निर्माण किया जा रहा है, ताकि बाहर से आने वाली महिलाओं को सुरक्षित और किफायती आवास मिल सके। सरकार ने नारी कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के लिए कुल 1,27,555 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। सरकार का कहना है कि यह बजट महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
लोक निर्माण से लोक कल्याण की राह
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा कि "लोक निर्माण से लोक कल्याण" की दिशा में प्रदेश निरंतर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में लगभग 1,500 किलोमीटर सड़क निर्माण और 7,000 किलोमीटर सड़क नवीनीकरण का लक्ष्य पूरा होगा।
सड़क और पुल निर्माण के लिए बजट प्रावधान
सड़कों और पुलों के निर्माण और संधारण के लिए वर्ष 2026-27 में कुल 12,690 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। यह राशि प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों को मुख्य सड़क मार्ग से जोड़ने, सुरक्षा और ग्रामीण कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए खर्च की जाएगी। वहीं, मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना के तहत मुख्य सड़क मार्ग से जुड़ी न होने वाली बसाहटों के लिए 30,900 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए स्वीकृति दी गई है। क्षतिग्रस्त पुलों के पुनर्निर्माण के तहत 1,766 पुल और पुलियों का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए 4,572 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत की गई है, और वर्ष 2026-27 में 900 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास पर जोर
स्वास्थ्य क्षेत्र को 23,747 करोड़,ग्रामीण विकास के लिए 40,062 करोड़,जनजातीय क्षेत्रों के 11,277 गांवों के लिए 793 करोड़ का प्रावधान इस बजट में किया गया है। शिक्षा में छात्रवृत्ति और नए स्कूलकॉलेजों पर भी सरकार का फोकस नजर आता है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने 1 लाख सोलर पंप, श्रम विभाग के लिए 1335 करोड़, 11,277 जनजातीय गांवों के विकास, ग्रामीण कनेक्टिविटी, छात्रवृत्ति योजनाओं और महिला कल्याण के लिए 1.27 लाख करोड़ से अधिक के प्रावधान की घोषणा की।
देश की मिल्क कैपिटल बनेगा एमपी
मध्यप्रदेश देश का तीसरा सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादन वाला प्रदेश है और सरकार दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। प्रदेश में प्रति व्यक्ति दुग्ध उपलब्धता 707 ग्राम है जो राष्ट्रीय औसत 485 ग्राम से लगभग 46 प्रतिशत अधिक है।प्रदेश में संचालित 3 हजार गौशालाओं में 4 लाख 75 हजार गौवंश का पालन हो रहा है। प्रदेश में स्वावलम्बी गौशालाएं स्थापित करने के लिए बेहतर नीति तैयार की गई है जिसके अंतर्गत गौशालाएं आधुनिक पद्यति से संचालित होंगी जिनमें जैविक खाद, पंचगव्य तथा बायोगैस का उत्पादन होगा। पशुपालन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए रु 2 हजार 364 करोड़ का प्रावधान बजट में प्रस्तावित है। इसमें गौ संवर्धन एवं पशुओं का संवर्धन योजना के लिए रु 620 करोड़ 50 लाख एवं मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना के लिए रु 250 करोड़ के प्रावधान शामिल हैं।
पर्यावरण क्षेत्र के लिए 6 हजार 151 करोड़ का प्रावधान
देवड़ा ने कहा कि कृषि वानिकी योजना शुरू की जाएगी इससे सरकार आमदनी बढ़ाने का काम करेगी। वन पर्यावरण क्षेत्र के लिए 6 हजार 151 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
पीएम मोदी के 'विकसित भारत' और आत्मनिर्भर भारत के सपनों को साकार करने वाला ऐतिहासिक बजट : डॉ. यादव
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2026-27 के राज्य बजट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' और आत्मनिर्भर भारत के सपनों को साकार करने वाला एक दूरदर्शी और ऐतिहासिक बजट बताया है। यह बजट किसान, युवा, महिला और गरीबों के सशक्तीकरण तथा औद्योगिक विकास को समर्पित है, जो मध्यप्रदेश को एक नई ऊँचाई पर ले जाएगा। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह बजट समावेशी विकास पर आधारित है, जो समाज के हर वर्ग, विशेषकर महिलाओं, युवाओं और किसानों की आकांक्षाओं को पूरा करता है। यह बजट 2047 तक भारत को एक विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के पीएम मोदी के विजन की नींव को और मजबूत करता है।
कुल मिलाकर, डॉ. मोहन यादव का यह बजट मनमोहक इसलिए है क्योंकि बजट में कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है। यह बजट किसान-महिला-युवा-गरीब केंद्रित है, जिसमें अधोसंरचना और रोजगार सृजन पर बल दिया गया है। यह महिला, किसान, युवा से लेकर गरीब के जीवन में बदलाव लाने का वादा करता है। बजट मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति और समाज के हर वर्ग को नई शक्ति देने वाला है।
1 comment:
अगर योजनाओं का लाभ सही लोगों तक बिना किसी बाधा के पहुंचे, तभी इस प्रकार के बजट वास्तव में प्रदेश के विकास और आम जनता के जीवन में बड़ा बदलाव लेट है। बहरहाल, मेरा यहाँ आने का एक कारण और भी है। हम लोग मुंशी प्रेमचंद जी की आगामी पुण्यतिथी ३१ जुलाई २०२६ के अवसर पर प्रेमचंद महोत्सव के अंतर्गत "५० दिनों में ५० कहानियाँ" बनाने, सुनाने (और जुटाने की भी!) की ओर प्रयासरत है. अगर आपकी रूचि हो तो इस अभियान में आपका सहर्ष स्वागत है.
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धन्यवाद!
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