मंगलवार, 18 नवंबर 2008

मध्य प्रदेश का दंगल(भाग ३)

...... योगी का चप्टर भी क्लोज हो गया है .....बीजेपी ने नए ढंग से आतंकवाद को मुद्दा बनने की ठान ली है अब बीजेपी इसको भी अपने एजेंडा में जगह दे रही है.... कांग्रेस इस पर चुप है बीजेपी के सबसे बड़ी गले की हड्डी यह बनी है की भास्त्राचार से कैसे निजात पाया जाए? यही भस्मासुर शिव भगवन की सरकार का सिंहासन खतरे में डाल सकता है दागी मत्रियों को भी टिकेट दे दिया है सो मुसीबत तो बने ही है वह शिव के लिए......अब देखना है बीजेपी वाले क्या करते है इससे पीछा छुटाने के लिए ? वैसे कांग्रेस इस पर उसको जबरदस्त ढंग से लपेट रही है लेकिन अपने जेटली साहब भी लगे है इसे शिवराज को आगे कर भुनाने में .......क्युकी पार्टी के बड़े नेताओ का मानना है शिव को आगे कर विकास के नाम पर जनता को अपने ओरखीचा जा सकता है..... यह अपने शिव को भी पता है .....अपने शिव भगवन भी लगे है धुँआधार सभा करने में...... फुरसत ही नही मिल रही है दौरों से........ दिन रात एक कर रहे है..... अब चुनाव में ७ दिन बचे है..... खाने का रूटीन भी गडबडा गया है एन दिनों में...... बीजेपी को भरोसा है की वह फिर से सत्ता में आ रही है वही कांग्रेस मानती है जनता शिव को इन चुनाव में जवाब दे देगी अपने तीसरे मोर्चे की माने तो वह भी बोल रहा है वह "किंग मेकर" की भूमिका में है लेकिन बीजेपी मध्य प्रदेश को गंभीरता से ले रही है सारे नेता इसको फोकस कर रहे है...... हर हालत में सत्ता में वापसी करनी है ......"उमा" और "माया" मैडम भी बीजेपी कांग्रेस का खेल इस बार बिगाड़ रहे है भले ही दोनों अच्छी सीट न ला पाए लेकिन नुकसान तो दोनों बीजेपी ओर कांग्रेस का ही होगा हार जीत का अन्तर कम या जयादा हो सकता है दोनों बहनजियो के होने से ..... बीजेपी तो बेक फ़ुट पर चले गयी है.... ३ सर्वे में क्लेअर बहुमत से कही पीछे है.... बुंदेलखंड, चम्बल ,विन्ध्य में दोनों मैडम का जलवा चल सकता है लेकिन असली ज़ंग तो बीजेपी और कांग्रेस में है कांग्रेस की बात करे तो वह अलग अलग गुटों में हो गयी है..... भले ही कहे हमारे बराबर आपस में प्रेम स्नेह कही नही है.... यह तो दिखावा .... है... सब जान रहे है..... कमलनाथ की अलग चल रही है.... तो दिग्गी राजा अलग ..... अपनी प्यारी सी नेता प्रतिपक्ष जमुना देवी , अजयसिंह(अर्जुन के बेटे) ,सुभाष सिंह , ज्योतिरादित्य सिंधिया की अलग ही चल रही है... एक पूरब,तो एक पश्चिम.... एक उत्तर तो एक दक्षिम की ओर लगे हैअपने पचौरी साहब की अलग राह है..... फिर भी टिकेट आवंटन में उनकी इस बार जमकर चली है दिग्गी साहब बेक फ़ुट पर है देखना है सीएम कौन बनता है? इस बार टीम उतर चुकी है लेकिन कप्तान का पता नही है ?कौन होगा कांग्रेस का सीएम ?बीजेपी इस पर कांग्रेस को लपेट रही है जबरदस्त ढंग से.... जिस जहाज के कॅप्टन का ही पता नही है तो वह जहाज पानी में कैसे चलेगा? कांग्रेस की यही दिक्कत है... जहा बीजेपी वाले मैच खालेने से पहले अपना कैप्टेन गोषित कर देते है वही कांग्रेस में मैच ख़तम होने के बाद पता चलता है की कौन होगा चीफ मिनिस्टर...... कर्नाटक , गुजरात, उत्तराखंड सब जगह यही हाल रह ... तभी तो एक की बाद एक चुनाव हारते जा रहे है.... अभी भी संभल जाओ तो संभल लो......





















खैर अब आज के लिए बहुत हो गया है...... नही तो दोस्त फिर परेसान हो जाते है अपनी हर्ष वाणी बोलती कलम में न जानने क्या क्या बक बक करते रहती है............ दिल थाम के बैठे रहे आप.... अब फिर ज्यादा बात बाद में करते है बात॥

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